शनि होने जा रहे हैं वक्री जाने आप पर इसका असर

अब एक बार फिर से शनि देव की चाल में बदलाव आने वाला है. शनि अब मार्गी गति को छोड़ कर वक्री चाल में गोचर करने वाले हैं. शनि का वक्री होना साधारण घटना नही होती है. शनि एक लम्बे अरसे तक व्यक्ति पर असर डालते हैं. शनि का असर व्यक्ति को पूर्ण रुप से बदल सकता है ओर उसके जीवन का काया कलप भी कर सकता है. ये समय विशेष रूप से होने वाला है. यह एक ऐसा है जिसके बारे में आपको बहुत अधिक घबराने की ज़रूरत नहीं है लेकिन आपको सजग रहने की आवश्यकता है. यह एक बहुत धीमी गति से चलने वाला प्रभाव है जो बिल्कुल स्पष्ट रुप से दिखाई देगा. शनि, सीमाओं का ग्रह है, यह कड़ी मेहनत और प्रतिबद्धता का ग्रह है. यह आपके जीवन के किसी भी पहलु को प्रतिबिंबित करने, संशोधित करने और फिर से सही करने का अवसर प्रदान करता है. शनि के गोचर का लक्ष्य आपको ऐसे पाठ पढ़ाना है जो नई स्थापना, सीमाओं और प्रतिबद्धताओं की ओर ले जाएगा जो आपको और भी बेहतर अवसर प्रदान कर सकता है.

शनि वक्रत्व का प्रभाव 4 जून से शुरू होकर 23 अक्टूबर तक चलने वाला, शनि का वक्रत्व कुंभ राशि से मकर राशि में शनि के पुन: प्रवेश का भी होगा. यह समय आपके रिश्तों और संबंधों को मजबूत करने के लिए ऊर्जा के रूप में काम कर सकता है.

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आपकी कुंडली में शनि कैसे कार्य करता है
शनि का गोचर ओर प्लूटो के बदलाव ने महामारी की शुरुआत का संकेत दिया है, तो यह गोचर कठिन समय और नए सबक सिखाने का समय भी देता रहा है. नियमों, प्रतिबंधों, सीमाओं, अनुशासन, अधिकार और जिम्मेदारी को देखते हुए, शनि को अक्सर कड़े और कठोर के रूप में चित्रित किया जाता है. शायद अब तक का सबसे बड़ा प्रभावी ग्रह भी यह रहा है. आपकी कुंडली में यह कहां स्थित है ओर किस प्रकार से है यह आपके लिए काम करता है इसे समझना बहुत जरुरी होता है. इन बातों को समझकर कि यह आपके चार्ट में कहां स्थित है इसके निर्माण का पहलू ही आपके सपनों का समर्थन करने वाली चीजों को स्थापित करने में आपकी सहायता कर सकता है.

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